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Plastic is harmful to health coverage published in" Nav Bharat Times"dated

Source: Nav Bharat Times, Feb 05, 2017

डॉ. पी. के. जुल्का, सीनियर कैंसर स्पेशलिस्ट

प्रीति महेश, चीफ प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर, टॉक्सिक्स लिंक

नीलांजना सिंह, न्यूट्री-डाइट एक्सपर्ट

चंद्रभूषण, डिप्टी डायरेक्टर जनरल, सेंटर फॉर साइंस एंड इनवाइरनमेंट

डॉ. राकेश द्विवेदी, होम्योपैथिक मेडिकल ऑफिसर

अंकिता ने एक ब्रैंडेड रिटेल शॉप से स्प्राउट्स खरीदे जो ट्रांसपैरंट प्लास्टिक थैली में बेहद खूबसूरती से पैक्ड थे। प्रखर ने एक नामी आयुर्वेदिक कंपनी का एलोवेरा का जूस लिया। वह भी प्लास्टिक की बोतल में था। स्वाति मसालेदार छाछ का पैकेट लाईं। वह भी प्लास्टिक पैक में था। इन सभी लोगों का मकसद एक था... सेहत बनाने वाली चीजों का सेवन, लेकिन सबके मन में सवाल भी एक ही था कि सेहत का खजाना मानी जाने वालीं ये चीजें कहीं प्लास्टिक में पैक होने की वजह से नुकसानदेह तो नहीं हो जातीं? रोहन अक्सर गाड़ी में अपनी पानी की बोतल छोड़कर निकल जाते हैं और घंटों धूप में खड़ी कार में मौजूद बोतल से पानी पी लेते हैं। अब यह पानी कहीं हमारे लिए खतरनाक तो साबित नहीं हो रहा, यह काफी अहम सवाल है। इसी तरह माइक्रोवेव में खाना गर्म करने के लिए लोग प्लास्टिक के बर्तन काफी इस्तेमाल करते हैं, लेकिन सोशल मीडिया में इसे सेहत के लिए सबसे खराब बतानी वाली पोस्टों की भरमार है। दरअसल, हमारी लाइफ में हर जगह प्लास्टिक की घुसपैठ है। सिर्फ किचन की बात करें तो नमक, घी, तेल, आटा, चीनी, ब्रेड, बटर, जैम, सॉस... सब कुछ प्लास्टिक में पैक होता है। तमाम चीजों को लोग किचन में रखते भी प्लास्टिक के कंटेनरों में ही हैं। सस्ती, हल्की, लाने-ले जाने में आसान होने की वजह से लोग प्लास्टिक कंटेनर्स को पसंद करते हैं। ऐसे में खाने-पीने से जुड़ी चीजों में यूज होनेवाले प्लास्टिक से होनेवाले नुकसान के बारे में जानना बहुत जरूरी है।

प्लास्टिक कितना जहरीला

इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टॉक्सिकॉलजी रिसर्च, लखनऊ के एक साइंटिस्ट के अनुसार पानी में न घुल पाने और बायोकेमिकली ऐक्टिव न होने की वजह से प्योर प्लास्टिक बेहद कम जहरीला होता है। लेकिन जब इसमें दूसरी तरह के प्लास्टिक और कलर आदि मिला दिए जाते हैं तो यह नुकसानदेह साबित हो सकते हैं। ये केमिकल खिलौने या दूसरे प्रॉड्क्ट्स में से गर्मी के कारण पिघलकर बाहर आ सकते हैं। इस खतरे को ध्यान में रखते हुए अमेरिका ने बच्चों के खिलौनों और चाइल्ड केयर प्रॉडक्ट्स में इस तरह की प्लास्टिक के इस्तेमाल को सीमित कर दिया है। यूरोप ने साल 2005 में ही इस पर बैन लगा दिया था तो जापान समेत 9 दूसरे देशों ने भी बाद में इस पर पाबंदी लगा दी।

नंबर से कैसे पहचानें प्लास्टिक

यूं तो हम सभी लोग पानी के लिए बॉटल या खाना रखने के लिए प्लास्टिक लंचबॉक्स यूज करते हैं लेकिन कभी हमने उन्हें पलटकर देखा है कि उनके पीछे ISI लिखा है या फिर एक सिंबल बना है। दरअसल, अच्छी क्वॉलिटी के प्रॉडक्ट पर इन दोनों या फिर सिंबल का होना जरूरी है। यह मार्क ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) जारी करता है और इससे पता लगता है कि प्रॉडक्ट की क्वॉलिटी अच्छी है। इन सिंबल्स (क्लॉकवाइज ऐरो के ट्राएंगल्स) को रेजिन आइडेंटिफिकेशन कोड सिस्टम (RIC) कहते हैं। इन ट्राएंगल्स के बीच में नंबर भी होते हैं। इन नंबरों से ही पता चलता है कि आपके हाथ में जो प्रॉडक्ट है, वह किस तरह के प्लास्टिक से बना है। जानते हैं, किस नंबर का क्या है मतलब:

 

1 यानी पॉलिथिलीन-टेरेफथालेट (PET) से बना है यह प्रॉडक्ट। सॉफ्ट ड्रिंक, वॉटर, केचप, अचार, जेली, पीनट बटर आदि इस तरह के प्लास्टिक की बोतलों में रखे जाते हैं।

खूबी: यह गुड प्लास्टिक है। PET अपनी पैकेजिंग में रखे सामान को सुरक्षित रखता है। अमेरिका के फूड ऐंड ड्रग ऐडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने इसे खाने-पीने की चीजों की पैकेजिंग के लिए सेफ बताया है।

2 यानी यह प्रॉडक्ट हाई-डेंसिटी पॉलिथिलीन (HDPE) से बना है। दूध, पानी, जूस आदि बॉटल्स, योगर्ट की पैकेजिंग, रिटेल बैग्स आदि बनाने में इसे इस्तेमाल किया जाता है।

खूबी: HDPE प्लास्टिक्स के खाने-पीने की चीजों में मिक्स होने से कैंसर या हॉर्मोंस को नुकसान होने की आशंका न के बराबर रहती है। हल्के वजन और टिकाऊ होने की वजह से यह बेहद पॉपुलर है।

3 यानी पॉलीविनाइलीडीन क्लोराइड (PVDC) से बना है प्रॉडक्ट। PVDC का इस्तेमाल कन्फेक्शनरी प्रॉडक्टस्, डेयरी प्रॉडक्ट्स, सॉस, मीट, हर्बल प्रॉडक्ट्स, मसाले, चाय और कॉफी आदि की पैकेजिंग में होता है।

खूबीः शानदार बैरियर प्रॉपर्टीज की वजह से इसमें फूड पैकेजिंग की जाती है।

4 यानी लो-डेंसिटी-पॉलिथिलीन (LDPE) से बना है प्रॉडक्ट। इससे आउटडोर फर्नीचर, साइडिंग, फ्लोर टाइल्स, शॉवर कर्टेन आदि बनते हैं। इसी से LLDPE बनती है, जिसे फूड पैकेजिंग के लिए अच्छा मान जाता है।

खूबी: नॉन-टॉक्सिक मटीरियल है यह। इससे सेहत को कोई नुकसान सामने नहीं आया है।

5 यानी पॉलीप्रोपायलीन (PP) से बना है प्रॉडक्ट। PP से बोतल कैप, ड्रिंकिंग स्ट्रॉ, योगर्ट कंटेनर, प्लास्टिक प्रेशर पाइप सिस्टम आदि बनते हैं।

खूबी: केमिकल रेजिस्टेंस इसकी खूबी है। एसिड इसके साथ रिएक्ट नहीं करते, इसलिए इसको क्लीनिंग एजेंट्स, फर्स्ट ऐड प्रॉडक्ट्स आदि की पैकेजिंग के लिए भी यूज किया जाता है।

6 यानी पॉलिस्टरीन (PS) से बना है प्रॉडक्ट। इससे बने प्रॉडक्ट्स पर 6 नंबर दर्ज रहता है। फोम पैकेजिंग, फूड कंटेनर्स, प्लास्टिक टेबलवेयर, डिस्पोजेबल कप-प्लेट्स, कटलरी, सीडी, कैसेट बॉक्सेज आदि में इसे इस्तेमाल किया जाता है।

खूबी: यह फूड पैकेजिंग के लिए सेफ है। लेकिन इसको री-साइकल करना मुश्किल है और गर्म करने के दौरान इसमें से कुछ गैसें निकलती हैं। ऐसे में इसके ज्यादा इस्तेमाल से बचें।

7 यानी Others (O) से बना है यह प्रॉडक्ट। यह कई तरह के प्लास्टिक का मिक्सचर होता है। इसमें खासतौर पर पॉलीकार्बोनेट (PC) होता है। इससे सीडी, सिपर, सनग्लास, केचप कंटेनर्स आदि बनते हैं।

खूबी: यह काफी मजबूत होता है। हालांकि कुछ एक्सपर्ट्स कहते हैं कि इसमें कई बार हॉर्मोंस पर असर डालने वाले BPA (बायस्फेनॉल) की मौजूदगी होती है इसलिए इसका इस्तेमाल नहीं करें।

निष्कर्ष: खाने की चीजें रखने के लिए 1, 2, 4 और 5 कैटिगरी का प्लास्टिक सही है। ये बेहतर फूड ग्रेड कैटिगरी में आते हैं। 3 और 7 कैटिगरी के कंटेनर खाने में केमिकल छोड़ते हैं, खासकर गर्म करने के बाद। 6 नंबर का भी इस्तेमाल कम करें। इनमें खाने की चीजें न रखें।

नोटः अपने देश में प्लास्टिक के इस्तेमाल को लेकर बहुत सटीक गाइडलाइंस नहीं हैं। इन सभी सातों कैटिगरी के प्लास्टिक को इस्तेमाल किया जा सकता है लेकिन हर कैटिगरी में बेहतर प्रॉडक्ट भी बनाया जा सकता है और खराब भी। ऐसे में बेहतर है कि हम वे प्रॉडक्ट खरीदें, जिन पर ISI और RIC मार्क तो हो ही, साथ ही BFA फ्री या BFR फ्री या लेड फ्री भी लिखा हो। दरअसल, ये खतरनाक केमिकल हैं और इन्हें मिक्स करने पर प्लास्टिक जहरीला हो जाता है। इनका असर तुरंत नहीं दिखता लेकिन बरसों इस्तेमाल से ये आगे जाकर कैंसर, डायबीटीज, हॉर्मोन आदि की समस्या पैदा कर सकते हैं। हालांकि यह लिखना अनिवार्य नहीं है लेकिन फिर भी अच्छी कंपनियां इस तरह लिखती हैं और जिन प्रॉडक्ट पर ऐसा लिखा होता है, उन्हें यूज करने में किसी तरह का खतरा नहीं है। ये प्रॉडक्ट महंगे होते हैं लेकिन बेहतर होते हैं।

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